Hiroshima ki kahani the nuclear survivor
हिरोशिमा हमने इस नाम को कभी ना कभी स्कूल बुक्स में जरूर पढ़ा होगा दुनिया का पहला शहर जहां पर न्यूक्लियर अटैक हुआ था आज हम देखेंगे न्यूक्लियर अटैक के साथ तक तबाही मचा सकता है
जैसे लोगों की परछाई दीवारों पर छप गई थी न जाने कितने बच्चे बूढ़े और बड़ों ने अपनी जान गवा दी उनके खाने का टिफिन पीने का बोतल और खिलौने अब तक म्यूजियम में रखे है यहां बोम्बिंग से फैला रेडिएशन सालों तक रहा शहर में ऐसी बहुत सी जगह है जहां बम का इफेक्ट आज भी देखा जाता है
आज बात करते हैं वहां के लोगों और सर्वाइवल की us के खिलाफ उनके मन में कोई hate hai
6 अगस्त 1945 8:16 a.m यह टाइम और दिन था जब हिरोशिमा पर बम गिरा था घरों में रखी घड़ियां भी 8:16 पर रुक गई थी शिवम फटता शहर से 600 मीटर ऊपर
जब भी बम फटा था तो 1 किलोमीटर का रेडियस में सारे लोग तुरंत मर गए और इस बम के वजह से 140000 लोग मरे थे कांच के प्लेट बोतल सब पिघल के एक बड़ा सा ढेर बन गया था |
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